
मुख्य बातें
- नवग्रह ज्योतिष के नौ "ग्रह" हैं: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु (बृहस्पति), शुक्र, शनि, राहु और केतु।
- अधिकांश विधिवत हवनों में आरंभ के पास संक्षिप्त नवग्रह पूजा पहले से शामिल रहती है।
- अलग से नवग्रह शांति, या किसी एक ग्रह की शांति, कभी-कभी कुंडली देखने के बाद सुझाई जाती है।
- साथ में होने वाले अन्य अनुष्ठानों में गणेश पूजा, कलश पूजा, कन्या पूजन, ब्राह्मण भोजन और दान शामिल हैं।
- क्या उचित है, यह आचार्य तय करते हैं; अधिक अनुष्ठानों का अर्थ "अधिक शक्तिशाली" पूजा नहीं है।
- ग्रह शांति संतुलन और शांति के लिए की जाने वाली भक्तिपूर्ण साधना है; परिणाम की गारंटी नहीं दी जाती।
जब परिवार माँ बगलामुखी हवन बुक करते हैं, तो कभी-कभी वे नवग्रह शांति, मंगल शांति या शनि शांति जैसे शब्द सुनते हैं और सोचते हैं कि क्या उन्हें भी इनकी आवश्यकता है। ये क्या हैं? क्या ये हर हवन का हिस्सा होते हैं? इन्हें कब जोड़ा जाता है?
यह मार्गदर्शिका नवग्रह शांति और बगलामुखी हवन के साथ किए जा सकने वाले अन्य अनुष्ठानों को शांत भाव से, बिना किसी डर के समझाती है।
नवग्रह क्या हैं?
ज्योतिष में नवग्रह वे नौ खगोलीय प्रभाव हैं जिन पर जन्म-कुंडली में विचार किया जाता है:
| ग्रह | अंग्रेज़ी नाम | वार | पारंपरिक रंग | पारंपरिक अनाज | पारंपरिक समिधा (लकड़ी) |
|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | Sun | रविवार | लाल / ताम्र | गेहूँ | आक (अर्क) |
| चंद्र | Moon | सोमवार | सफ़ेद | चावल | पलाश |
| मंगल | Mars | मंगलवार | लाल | लाल मसूर | खैर |
| बुध | Mercury | बुधवार | हरा | हरी मूँग | अपामार्ग |
| गुरु | Jupiter | गुरुवार | पीला | चने की दाल | पीपल |
| शुक्र | Venus | शुक्रवार | सफ़ेद | सफ़ेद सेम | गूलर (उदुम्बर) |
| शनि | Saturn | शनिवार | काला / गहरा नीला | काले तिल | शमी |
| राहु | उत्तर पात (North node) | – | धुएँ-सा / गहरा | काली उड़द या सरसों | दूर्वा |
| केतु | दक्षिण पात (South node) | – | धूसर / बहुरंगी | कुलथी | कुशा |
विभिन्न परंपराओं में इन संबंधों में थोड़ा अंतर होता है; यह तालिका सामान्य रूप से प्रचलित परिपाटी पर आधारित है।
ध्यान देने की बात है कि गुरु (बृहस्पति) का रंग पीला और वार गुरुवार है, जो माँ पीताम्बरा, यानी माँ बगलामुखी, के भक्तों के लिए भी विशेष दिन माना जाता है।
सामान्य हवन में नवग्रह पूजा
अधिकांश विधिवत हवनों में नवग्रहों की संक्षिप्त पूजा पहले से ही प्रक्रिया का हिस्सा होती है, प्रायः आरंभ के पास:
- गणेश पूजा
- संकल्प
- कलश पूजा
- नवग्रह पूजा, जिसमें नौ ग्रहों का आवाहन और सम्मान होता है, प्रायः हर ग्रह के लिए कुछ आहुतियों के साथ
- मुख्य देवता की पूजा, जैसे माँ बगलामुखी, उनके मंत्रों और आहुतियों के साथ
- पूर्णाहुति, आरती और प्रसाद
इस प्रकार एक सामान्य बगलामुखी हवन में ग्रहों का पहले से ही सम्मान हो जाता है। अलग नवग्रह शांति कुछ अधिक विस्तृत अनुष्ठान है, जिसे केवल उचित होने पर जोड़ा जाता है।
और पढ़ें: हवन क्या है? · बगलामुखी हवन मार्गदर्शिका
नवग्रह शांति क्या है?
नवग्रह शांति एक अधिक विस्तृत अनुष्ठान है, जिसमें नौ ग्रहों में से प्रत्येक की पूजा उसके अपने मंत्रों, समिधा, अनाज और निश्चित संख्या की आहुतियों से की जाती है। परंपरा में इसका उद्देश्य व्यक्ति के जीवन पर पड़ने वाले ग्रहों के प्रभावों से संतुलन और शांति की प्रार्थना करना है।
यह इन परिस्थितियों में सुझाई जा सकती है: - कुंडली देखने के बाद, जब कोई कठिन ग्रह-काल दिखाई दे - किसी बड़े जीवन-प्रसंग से पहले, जैसे विवाह या नए घर में प्रवेश - किसी बड़े पारिवारिक अनुष्ठान के भाग के रूप में
और पढ़ें: पूजा से पहले कुंडली देखना क्यों सहायक है

किसी एक ग्रह की शांति
कभी-कभी नौ ग्रहों के बजाय अनुष्ठान किसी एक ग्रह पर केंद्रित होता है:
| अनुष्ठान | सामान्यतः कब सुझाया जाता है |
|---|---|
| मंगल शांति | मंगल से जुड़े विचार, जैसे विवाह के मिलान में मंगल दोष |
| शनि शांति | शनि से जुड़े काल, जैसे साढ़े साती |
| राहु–केतु शांति | राहु या केतु से जुड़े काल |
| गुरु शांति | बृहस्पति से जुड़े विचार, जैसे शिक्षा या विवाह का समय |
ये पारंपरिक भक्तिपूर्ण उपाय हैं, भविष्यवाणियाँ या गारंटी नहीं। एक ज़िम्मेदार आचार्य शांति से समझाते हैं कि कोई शांति क्यों सुझाई जा रही है।
और पढ़ें: मंगल दोष और विवाह · ज्योतिष परंपराएँ बगलामुखी पूजा की सलाह कब देती हैं?
साथ में कभी-कभी होने वाले अन्य अनुष्ठान
| अनुष्ठान | यह क्या है | कब जोड़ा जाता है |
|---|---|---|
| गणेश पूजा | भगवान गणेश की पूजा | हमेशा, आरंभ में |
| कलश पूजा | पवित्र जल-कलश की पूजा | अधिकांश विधिवत अनुष्ठानों में |
| नवग्रह पूजा | नौ ग्रहों का संक्षिप्त सम्मान | अधिकांश हवनों में |
| नवग्रह शांति | सभी नौ ग्रहों के लिए विस्तृत अनुष्ठान | जब सुझाया जाए |
| विशेष ग्रह शांति | किसी एक ग्रह के लिए अनुष्ठान | जब सुझाया जाए |
| कन्या पूजन | छोटी कन्याओं का देवी रूप में सम्मान | नवरात्रि, अष्टमी, नवमी |
| ब्राह्मण भोजन | ब्राह्मणों को भोजन अर्पित करना | कई परंपराओं में अनुष्ठान की पूर्णता पर |
| दान | अन्न, वस्त्र, अनाज का दान | प्रायः पूर्णता पर; ग्रहों के लिए, विशेष दिनों पर विशेष वस्तुएँ |
अनुष्ठानों का सामान्य क्रम
जब कई अनुष्ठान एक साथ किए जाते हैं, तो सामान्य क्रम यह होता है:
- गणेश पूजा और संकल्प
- कलश और नवग्रह पूजा (या शामिल हो तो पूर्ण नवग्रह शांति)
- मुख्य देवता की पूजा: माँ बगलामुखी की पूजा और मंत्र
- हवन: ग्रहों के लिए आहुतियाँ (यदि शांति शामिल है) और माँ बगलामुखी के लिए आहुतियाँ
- पूर्णाहुति, आरती और क्षमा प्रार्थना
- जहाँ शामिल हो, कन्या पूजन, ब्राह्मण भोजन या दान
- प्रसाद
आचार्य कैसे निर्णय लेते हैं
आचार्य इन बातों पर विचार करते हैं: - आपकी परिस्थिति और आप क्या चाह रहे हैं - आपकी कुंडली, यदि आपने साझा की है और उसे देखा गया है - अवसर: कोई पर्व, कोई महत्वपूर्ण पड़ाव, या कोई कठिन दौर - व्यावहारिकता: समय, सहभागिता और दक्षिणा
प्रायः सामान्य नवग्रह पूजा सहित बगलामुखी हवन पूरी तरह पर्याप्त होता है। अलग शांति केवल तभी सुझाई जाती है जब उसका कोई स्पष्ट कारण हो।
पूछने योग्य प्रश्न
- "क्या इस हवन में नवग्रह पूजा पहले से शामिल है?"
- "मेरी परिस्थिति के लिए आप अलग शांति क्यों सुझा रहे हैं?"
- "इससे क्या जुड़ेगा, और कुल दक्षिणा कितनी है?"
- "क्या हम पहले मुख्य अनुष्ठान और घर की सरल साधनाओं से शुरुआत कर सकते हैं?"
और पढ़ें: कोई भी पूजा बुक करने से पहले पूछने योग्य प्रश्न
ग्रहों से जुड़ी घर की सरल साधनाएँ
| वार | एक सरल साधना |
|---|---|
| रविवार | उगते सूर्य को जल अर्पित करें |
| सोमवार | भगवान शिव की प्रार्थना |
| मंगलवार | हनुमान चालीसा |
| बुधवार | भगवान गणेश की प्रार्थना |
| गुरुवार | पीली सामग्री अर्पित करें; माँ बगलामुखी की चालीसा या 108 नाम |
| शुक्रवार | माँ लक्ष्मी की प्रार्थना |
| शनिवार | ज़रूरतमंदों की सहायता करें; धैर्य के लिए प्रार्थना |
नवग्रह मंत्र: एक सरल परिचय
हर ग्रह का एक पारंपरिक बीज मंत्र और शांति अनुष्ठानों में प्रयुक्त एक लंबा वैदिक मंत्र होता है। हवन में आचार्य हर ग्रह के लिए समिधा और घी अर्पित करते हुए इनका उच्चारण करते हैं। घर पर भक्तों को हर मंत्र सीखने की आवश्यकता नहीं है। एक सरल और व्यापक रूप से प्रचलित साधना है नवग्रह स्तोत्र का पाठ करना, या हर ग्रह के वार पर हाथ जोड़कर उस ग्रह का नाम स्मरण करना।
यदि आप व्यक्तिगत साधना के लिए कोई मंत्र चाहते हैं, तो आचार्य से पूछें कि आपके लिए कौन-सा उपयुक्त है, उसे कितनी बार जपें और किस दिन। जल्दबाज़ी में कई मंत्रों की अपेक्षा एक छोटे मंत्र का नियमित और शुद्ध जप अधिक अच्छा है।
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ग्रह शांति का समय
परंपरा हर ग्रह को एक वार से जोड़ती है, और ग्रह शांति का समय प्रायः इसी को ध्यान में रखकर तय किया जाता है:
| ग्रह | पारंपरिक वार |
|---|---|
| सूर्य | रविवार |
| चंद्र | सोमवार |
| मंगल | मंगलवार |
| बुध | बुधवार |
| गुरु (बृहस्पति) | गुरुवार |
| शुक्र | शुक्रवार |
| शनि | शनिवार |
| राहु और केतु | प्रायः शनिवार, या आचार्य की सलाह के अनुसार |
आचार्य तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त पर भी विचार करते हैं, और विदेश से जुड़ने वाले परिवार के समय-क्षेत्र की व्यावहारिकता पर भी। उत्तरी अमेरिका के भक्त याद रखें कि भारत की सुबह वहाँ की पिछली शाम या रात होती है।
और पढ़ें: तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त: शुरुआती मार्गदर्शिका · समय-क्षेत्र और मुहूर्त
ख़र्च और अवधि: क्या बदलता है
नवग्रह पूजा या ग्रह शांति जोड़ने से अनुष्ठान लंबा होता है और सामग्री बढ़ती है: हर ग्रह के लिए अलग अनाज, समिधा, वस्त्र और भेंट, तथा अतिरिक्त मंत्र-पाठ। इसी कारण संयुक्त अनुष्ठान में अधिक समय लगता है और उसका ख़र्च प्रायः केवल बगलामुखी हवन से अधिक होता है। निर्णय से पहले क्या-क्या शामिल है, इसकी स्पष्ट जानकारी माँगें। एक ज़िम्मेदार आचार्य ऐसे अनुष्ठान नहीं जोड़ेंगे जिनकी आपको आवश्यकता नहीं।
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संयुक्त अनुष्ठान की तैयारी कैसे करें
यदि परामर्श के बाद बगलामुखी हवन के साथ नवग्रह शांति या किसी ग्रह की शांति तय होती है, तो कुछ सरल तैयारियाँ अनुष्ठान को सहज बनाती हैं:
- संकल्प का विवरण तैयार रखें: जिनके नाम से अनुष्ठान हो रहा है उनके पूरे नाम, गोत्र (यदि ज्ञात हो), शहर और उद्देश्य।
- कुंडली का विवरण: यदि आचार्य ने कुंडली देखी है, तो जन्म-तिथि, समय और स्थान की वही जानकारी रखें जो परामर्श में दी गई थी।
- सात्विक दिनचर्या: अनुष्ठान के दिन और उससे पहले सादा, सात्विक भोजन और शांत मन रखें।
- स्वच्छ वस्त्र: यदि आप स्वयं उपस्थित हैं, तो स्नान करके स्वच्छ, संभव हो तो पीले वस्त्र पहनें।
- समय का ध्यान: संयुक्त अनुष्ठान लंबा होता है, इसलिए परिवार के सभी सदस्यों के लिए पर्याप्त समय निकालें।
यदि आप विदेश से जुड़ रहे हैं, तो परामर्श में यह भी पूछ लें कि अनुष्ठान आपके स्थानीय समय में कब पड़ेगा और वीडियो या फ़ोटो की क्या व्यवस्था रहेगी।
दो उदाहरण परिस्थितियाँ
उदाहरण 1: एक परिवार अपने बेटे के विवाह से पहले माँ बगलामुखी हवन करवाना चाहता है। परामर्श में आचार्य बताते हैं कि हवन में सामान्य नवग्रह पूजा पहले से शामिल रहेगी, और परिवार की इच्छा पर विवाह जैसे बड़े प्रसंग से पहले पूर्ण नवग्रह शांति भी जोड़ी जा सकती है। वे दोनों विकल्पों का समय और दक्षिणा स्पष्ट रूप से बताते हैं, और निर्णय परिवार पर छोड़ते हैं।
उदाहरण 2: विदेश में रहने वाला एक भक्त किसी कठिन दौर में मन की स्थिरता के लिए हवन चाहता है और पूछता है कि क्या उसे हर ग्रह की अलग शांति भी करवानी चाहिए। आचार्य उसकी बात सुनकर बताते हैं कि फ़िलहाल सामान्य नवग्रह पूजा सहित बगलामुखी हवन और गुरुवार की सरल घरेलू साधना पर्याप्त है।
ये केवल उदाहरण हैं, न कि प्रशंसापत्र या वादे।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- डर के कारण कई अनुष्ठान जोड़ना।
- यह मान लेना कि अधिक अनुष्ठानों से अधिक परिणाम मिलेगा।
- यह न पूछना कि नवग्रह पूजा पहले से शामिल है या नहीं।
- घर की सरल, नियमित साधनाओं की उपेक्षा।
- किसी ऐसे वादे पर विश्वास करना कि ग्रह शांति से परिस्थितियाँ निश्चित रूप से बदल जाएँगी।
और पढ़ें: हम परिणाम की गारंटी क्यों नहीं देते
आचार्य आशीष शर्मा के बारे में
आचार्य आशीष शर्मा 25 वर्षों से अधिक समय से माँ बगलामुखी की परंपरा में सेवा कर रहे हैं। वे संस्कृत में प्रशिक्षित हैं और जन्म से इस परंपरा से जुड़े हैं। उनका कार्यालय माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा के पास है। वे पारंपरिक माँ बगलामुखी पूजा, हवन और विशेष अनुष्ठान करते हैं, और भारत तथा विश्वभर के परिवारों को उनकी परिस्थिति के अनुसार व्यक्तिगत आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवग्रह शांति पूजा क्या है?
एक विस्तृत अनुष्ठान, जिसमें नौ ग्रहों में से प्रत्येक की पूजा उसके अपने मंत्रों, समिधा, अनाज और आहुतियों से की जाती है, संतुलन और शांति की प्रार्थना के साथ।
क्या हर हवन में नवग्रह पूजा होती है?
अधिकांश विधिवत हवनों में आरंभ के पास संक्षिप्त नवग्रह पूजा शामिल रहती है। पूर्ण नवग्रह शांति केवल सुझाए जाने पर जोड़ी जाती है।
क्या मेरे बगलामुखी हवन के साथ अलग नवग्रह शांति ज़रूरी है?
प्रायः नहीं। यह केवल तभी सुझाई जाती है जब कोई स्पष्ट कारण हो, जैसे कुंडली में कोई कठिन काल दिखाई देना।
नौ ग्रहों के पारंपरिक रंग और अनाज क्या हैं?
सामान्यतः: सूर्य (लाल, गेहूँ), चंद्र (सफ़ेद, चावल), मंगल (लाल, लाल मसूर), बुध (हरा, मूँग), गुरु (पीला, चने की दाल), शुक्र (सफ़ेद, सफ़ेद सेम), शनि (काला, काले तिल), राहु (धुएँ-सा, उड़द या सरसों), केतु (धूसर, कुलथी)।
मंगल शांति क्या है?
मंगल ग्रह पर केंद्रित अनुष्ठान, जो प्रायः मंगल दोष के संदर्भ में सुझाया जाता है।
और कौन-से अनुष्ठान जोड़े जा सकते हैं?
अवसर और परंपरा के अनुसार कन्या पूजन (नवरात्रि में), ब्राह्मण भोजन और दान सामान्य रूप से जोड़े जाते हैं।
क्या ग्रह शांति से परिणाम की गारंटी मिलती है?
नहीं। यह संतुलन और शांति के लिए की जाने वाली भक्तिपूर्ण साधना है; परिणाम की गारंटी नहीं दी जाती।
कैसे जानूँ कि क्या शामिल करना है?
निःशुल्क परामर्श में अपनी परिस्थिति बताएँ; आचार्य जो उचित है वह सुझाएँगे और उसका कारण समझाएँगे।
